टिकरी शंकुल में दर्जन भर कर्मचारियों के हैं 3 संताने , फिर भी नही हो रही कार्यवाही…डी ई ओ के पत्र को प्रभारी प्राचार्य नही दे रहीं तवज्जो.. फेंका कूड़ेदान में!

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डी ई ओ के पत्र को प्रभारी प्राचार्य नही दे रहीं तवज्जो.. फेंका कूड़ेदान में!

शालिक द्विवेदी।
सीधी। सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 134 दिनांक 10 मार्च 2000 के आदेश के अनुसार कोई भी लोकसेसवक जिसकी तीसरी संन्तान 26 जनवरी 2001 के बाद पैदा हुई हो उसकी नियुक्ति निरस्त मानी जावेगी।

लेकिन जिले के अकेले टिकरी शंकुल केंद्र में क़रीब दर्जन भर ऐसे शिक्षक है जिनकी 2 से। अधिक संताने हैं और वर्षों से सरकार के नियमो को धता बताते हुए सभी बाकायदा तनख़्वाह ले रहे हैं।
उक्ताशय की जानकारी मंगाने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी ने टिकरी शंकुल के प्रभारी प्राचार्य बसन्ती सिंह से पत्र क्रमांक 1664/परिवाद/2022 व पत्र क्रमांक 3051/परिवाद/2022 दिनांक 20/04/2022 के माध्यम से ऐसे शिक्षकों की जानकारी चाही गयी थी जिनकी 26 जनवरी 2001 के बाद 3 संताने है परंतु प्रभारी प्राचार्य ने आज दिनांक तक जिला कार्यालय को उक्त जानकारी देना आवश्यक नही समझीं तथा जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया।

डी ई ओ का पत्र महज़ दिखावा, नही हुई ऐसे लापरवाह प्राचार्य पर कार्यवाही…

भले ही जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी न देना सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के खण्ड 3 का उल्लंघन है जिस पर प्रभारी प्राचार्य के वीरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित कर वरिष्ठ कार्यालय को भेज दिया जावेगा परन्तु वरिष्ठ अधिकारियों का यह आदेश भी प्रभारी प्राचार्य के लिए महज गीदड़भभकी बन कर रह गया।

टिकरी शंकुल केंद्र में शिक्षा कम रणनीति व राजनीति का अखाड़ा बन गया है। प्रभारी प्राचार्य भी इस पर अंकुश नही लगा पा रही हैं।
अब देखना यह होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी क्या कुछ कार्यवाही करते हैं या मामला पूर्व को तरह ढाक के तीन पात साबित होगा!

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