अधिग्रहण के खिलाफ लंबी लड़ाई हेतु आदिवासी कर रहे मेल मिलाप।

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सीधी।

टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बताया है कि आदिवासियों की जमीन के जवरिया अधिग्रहण के खिलाफ सहित अन्य जो जुल्म आदिवासियों पर सरकारों और नौकरशाही के द्वारा जारी है उससे निजात के लिए आदिवासियों ने आरपार के संघर्ष का निर्णय किया है। लड़ाई के पहले दौर में ग्राम मूसामूड़ी में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल का निर्णय लिया गया है। संघर्ष के लिए समर्थ जुटाने का काम चल रहा है जिसके तहत श्री बलजीत सिंह की अध्यक्षता में आदिवासी एकता महासभा का आयोजन ग्राम तिलवारी में किया गया जिसमें आदिवासियों के साथ हो रहे लूट दुर्व्यवहार, शासन प्रशासन व कंपनियों द्वारा जैसे ग्राम मुसामुडी-भूमका में मनमानी भूमि अधिग्रहण, एवं ग्राम समदा के काबिजों को भूमि के पट्टे और तिलवारी ग्राम के  खजरा टोला के आदिवासियों को पट्टा देने, गुलाब सागर बांध में प्रभावित आदिवासियों की परिसंपत्तियों के मुवाबजा  तथा संजय टाइगर रिजर्ब हेतु कुसमी विकासखंड के 52 गांवों के विस्थापन सहित पांचों बिंदुओं पर चर्चा किया गया और मूसामूड़ी के भूख हड़ताल के दिनांक की घोषणा होने जाने पर समर्थन का निर्णय लिया गया।
उमेश तिवारी ने बताया कि उक्त आदिवासी महासभा में आदिवासी साथी शिवकुमार सिंह, महावीर सिंह, बलजीत सिंह,  विजयबहदुर सिंह, सुरेंद्र पानिका, राजेश कुशवाहा, सत्यदेव सिंह, अरुणा सिंह, एवं अन्य आदिवासी किसान मजदूर उपस्थित रहे। क्रमिक भूख हड़ताल का समर्थन किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव का. बादल सरोज, आदिवासी महासभा के अध्यक्ष रामनारायण कोरिया, एकता परिषद की जिला अध्यक्ष सरोज सिंह, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की अध्यक्ष श्रीमती  रेवती सिंह मरावी ने किया है तथा संयुक्त किसान मोर्चा ने भी समर्थन किया है और आंदोलन में शामिल रह कर भागीदारी करने को कहा गया है।

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